Dharti Proteins का बड़ा फैसला: ₹5,000 करोड़ तक बढ़ेगी उधारी सीमा, नया ऑडिटर नियुक्त

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Dharti Proteins का बड़ा फैसला: ₹5,000 करोड़ तक बढ़ेगी उधारी सीमा, नया ऑडिटर नियुक्त

Dharti Proteins Ltd ने अपनी 32वीं AGM से पहले कंपनी में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी ने बोरिंग और इन्वेस्टमेंट लिमिट को बढ़ाकर **₹5,000 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा है और इंटरनल ऑडिटर में भी बदलाव किया है।

फाइनेंशियल तैयारी और ऑडिट बदलाव

Dharti Proteins अपनी आगामी 32वीं AGM (28 सितंबर, 2026) में कई बड़े स्ट्रक्चरल बदलावों पर शेयरधारकों की मुहर लगाएगी। सबसे बड़ा बदलाव ऑडिटिंग टीम में देखने को मिलेगा। M/s. PSG & Associates के इस्तीफे (31 अगस्त, 2026) के बाद, M/s. Mikil Vora & Associates को अगले 5 साल के लिए इंटरनल ऑडिटर नियुक्त करने का फैसला लिया गया है।

₹5,000 करोड़ का नया लक्ष्य

कंपनी ने अपनी बोरिंग लिमिट (Borrowing Limit) और इन्वेस्टमेंट/लोन की सीमा को बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ करने का प्रस्ताव पेश किया है। यह कदम कंपनी के आने वाले विस्तार और भविष्य की योजनाओं के लिए जरूरी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करेगा। यह प्रस्ताव कंपनी एक्ट की धारा 180 और 186 के तहत लाया गया है, जिसके लिए निवेशकों की मंजूरी अनिवार्य है।

कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बदलाव

वित्तीय सीमाओं के अलावा, कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) में भी बदलाव करने जा रही है। ऑब्जेक्ट क्लॉज में बदलाव के जरिए कंपनी अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाना चाहती है, जिससे कॉरपोरेट गवर्नेंस को और अधिक मॉडर्न बनाया जा सके।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को अब 28 सितंबर, 2026 को होने वाली ई-वोटिंग पर नजर रखनी चाहिए। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मिस्टर कमलेश महेंद्रभाई शाह को स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) नियुक्त किया गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.