Dharan Infra-EPC Ltd के लिए CIRP प्रक्रिया के तहत पहली 'कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स' (CoC) बैठक **30 अक्टूबर, 2026** को तय की गई है। यह बैठक कंपनी के भविष्य और ऑपरेशनल लागत को तय करने के लिए बेहद अहम है।
कंपनी की कमान अब क्रेडिटर्स के हाथ में
इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत, Dharan Infra-EPC Ltd की यह पहली आधिकारिक बैठक है। इंटरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) पलक स्वप्निल देसाई इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगी। इस बैठक में कंपनी के कामकाज की समीक्षा और इंसॉल्वेंसी से जुड़े खर्चों को मंजूरी देने पर मुख्य जोर रहेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
यह प्रक्रिया कंपनी की गंभीर वित्तीय अस्थिरता को दर्शाती है। CoC अब कंपनी के फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था बन गई है, जिसके पास कंपनी को पुनर्जीवित करने (Restructuring) या लिक्विडेशन (Liquidation) में ले जाने का अधिकार है। शेयरहोल्डर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि रिजोल्यूशन प्लान में इक्विटी होल्डर्स को प्राथमिकता में सबसे नीचे रखा जाता है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस प्रक्रिया से निकलकर क्या कोई ठोस रिजोल्यूशन प्लान सामने आता है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल IRP द्वारा दी गई आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग पर ही भरोसा करें।
