CARE Ratings ने Dhampur Bio Organics के लॉन्ग-टर्म क्रेडिट आउटलुक को 'Stable' से बढ़ाकर 'Positive' कर दिया है। अपनी मीरगंज शुगर यूनिट को बेचने के बाद कंपनी का कर्ज तेजी से घटा है, जिससे उसकी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत हुई है।
कर्ज का बोझ घटा, मिली मजबूती
कंपनी ने अपनी मीरगंज शुगर यूनिट को ₹305 करोड़ में बेचकर अपना कर्ज काफी हद तक कम कर लिया है। मार्च 2026 में कंपनी का लॉन्ग-टर्म कर्ज ₹290 करोड़ था, जो अब 31 जुलाई 2026 तक घटकर ₹125 करोड़ रह गया है। यानी कंपनी ने करीब ₹165 करोड़ का कर्ज चुका दिया है, जिससे ब्याज का बोझ कम हुआ है।
क्यों लिया ये बड़ा फैसला?
मीरगंज यूनिट लंबे समय से 'रेड-रॉट' (Red-rot) जैसी समस्याओं से जूझ रही थी, जो कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को प्रभावित कर रही थी। इस यूनिट के अलग होने के बाद अब Dhampur Bio Organics का फोकस शुगर, डिस्टिलरी और को-जनरेशन जैसे ज्यादा मुनाफे वाले बिजनेस पर रहेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि क्रेडिट रेटिंग में सुधार हुआ है, लेकिन निवेशकों को इन बातों पर गौर करना चाहिए:
- सरकारी नीतियां: शुगर एक्सपोर्ट, इथेनॉल की कीमतों और MSP को लेकर सरकारी फैसले बिजनेस पर सीधा असर डालते हैं।
- वर्किंग कैपिटल: इस बिजनेस में वर्किंग कैपिटल की बहुत ज्यादा जरूरत होती है, जिसके लिए कंपनी शॉर्ट-टर्म लोन पर निर्भर रहती है।
- मौसम: मानसून और गन्ने की फसल की क्वालिटी अभी भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।
आगे की राह
मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 में अतिरिक्त ₹30 करोड़ का कर्ज और कम करने का लक्ष्य रखा है। निवेशकों की नजर अब कंपनी के डिस्टिलरी और को-जनरेशन सेगमेंट के मार्जिन पर होनी चाहिए, जो शुगर कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान कंपनी के मुनाफे को सहारा दे सकते हैं।
