Deccan Gold Mines ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी 42वीं AGM बुलाई है। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन से हटकर सक्रिय माइनिंग पर जोर दे रही है और किर्गिस्तान, मोजाम्बिक समेत अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए भारी पूंजी जुटाने की मंजूरी मांगेगी।
एजीएम का मुख्य एजेंडा
कंपनी अपनी 42वीं सालाना आम बैठक (AGM) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित करेगी। इस बैठक में शेयरहोल्डर्स से कंपनी की सब्सिडियरीज को फंड देने के लिए मंजूरी ली जाएगी। इसमें Avelum Partner LLC को ₹50 करोड़, Kalevala Gold Oy को ₹20 करोड़ और मोजाम्बिक स्थित सब्सिडियरीज को ₹10-10 करोड़ का फंड देने का प्रस्ताव शामिल है।
उत्पादन पर कंपनी का फोकस
Deccan Gold Mines अब अपनी रणनीति बदल रही है। कंपनी का ध्यान अब सिर्फ खोजबीन (Exploration) पर नहीं बल्कि कमर्शियल गोल्ड प्रोडक्शन पर है। भारत में Jonnagiri Gold Mine के चालू होने और किर्गिस्तान में Altyn Tor Project से पहला गोल्ड डोरे (Gold Doré) निकलना इस बदलाव का संकेत है। Jonnagiri प्रोजेक्ट की सालाना क्षमता 400-600 किलोग्राम सोना निकालने की है।
बोर्ड और गवर्नेंस
बोर्ड ने Pandarinathan Elango को नवंबर 2026 से दूसरे 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने की सिफारिश की है। हाल ही में Kailasam Sundaram और Deepthi Donkeshwar का कार्यकाल अगस्त 2026 में समाप्त होने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया है।
वित्तीय स्थिति पर नजर
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का कंसोलिडेटेड घाटा ₹76.07 करोड़ रहा, जबकि कुल खर्च ₹90.37 करोड़ था। कंपनी का आने वाला समय इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने उत्पादन लक्ष्यों को कितनी तेजी से हासिल करती है।
