Davin Sons Retail Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी का रेवेन्यू करीब 40% गिर गया है और नेट प्रॉफिट आधा होकर **₹0.77 करोड़** पर आ गया है। हालांकि, खराब नतीजों के बीच कंपनी ने ऑथोराइज्ड कैपिटल बढ़ाई है और नए शेयर अलॉट किए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹8.16 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹13.53 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹0.77 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹1.66 करोड़ था। यानी कुल मुनाफे में 53.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
कैपिटल एक्सपेंशन और कॉरपोरेट हलचल
कमजोर नतीजों के बावजूद कंपनी ने अपने स्ट्रक्चर में बदलाव किया है। कंपनी ने ऑथोराइज्ड कैपिटल को ₹6 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया है। इसके अलावा, ₹25 प्रति शेयर के भाव पर 1.35 मिलियन इक्विटी शेयरों का अलॉटमेंट और 1.15 मिलियन कन्वर्टिबल वारंट्स जारी किए गए हैं।
रेगुलेटरी चुनौतियां और BSE की सख्ती
कंपनी के लिए पिछला साल सिर्फ बिजनेस के लिहाज से ही नहीं, बल्कि रेगुलेटरी लेवल पर भी मुश्किल भरा रहा। SEBI के LODR नियमों के तहत फाइनेंशियल रिजल्ट्स फाइल करने में देरी हुई, जिसके चलते BSE ने कंपनी पर पेनल्टी लगाई। कंपनी ने पुष्टि की है कि पेनल्टी चुका दी गई है और फाइलिंग पूरी कर ली गई है, लेकिन गवर्नेंस के ये सवाल निवेशकों के बीच चिंता का विषय बने हुए हैं।
आगे की राह
मैनेजमेंट ने गारमेंट बिजनेस को लेकर उम्मीद जताई है, खासकर प्रीमियम और फेस्टिवल कैटेगरी में। अब कंपनी डिजिटल मार्केटिंग पर जोर दे रही है और टियर-2 व टियर-3 शहरों में अपने पैर पसारने की योजना बना रही है। निवेशकों के लिए अब अगले क्वार्टर के नतीजों और कंपनी की कंप्लायंस हिस्ट्री पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
