Dalmia Industrial Development Ltd ने अपनी 44वीं AGM की तारीख 30 सितंबर, 2026 तय कर दी है। इस बीच कंपनी ने FY26 में ₹12.85 लाख का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, साथ ही ₹3 करोड़ तक के मैनेजरियल रेम्यूनरेशन का प्रस्ताव रखा है।
मुनाफे से नुकसान की ओर
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने FY26 में ₹12.85 लाख का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष (FY25) में कंपनी ₹3.69 लाख के प्रॉफिट में थी। ऑपरेशन्स से होने वाली कमाई भी ₹104.34 लाख से घटकर ₹67.09 लाख रह गई है। कुल मिलाकर रेवेन्यू ₹130.70 लाख से गिरकर ₹71.11 लाख पर आ गया है, जो ऑपरेशनल दबाव को दर्शाता है।
AGM का एजेंडा और प्रस्ताव
कंपनी ने अपनी 44वीं Annual General Meeting (AGM) 30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाने का फैसला किया है। इसमें मुख्य प्रस्तावों में मैनेजरियल रेम्यूनरेशन को सालाना ₹3 करोड़ तक सीमित करना और 2031 तक के लिए नए सेक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति शामिल है।
रेगुलेटरी संकट और चुनौतियां
निवेशकों की चिंता का सबसे बड़ा कारण SEBI की पुरानी जांच है। सितंबर 2017 से ही कंपनी 'शेल कंपनी' (Shell Company) होने के संदेह के घेरे में है। हालांकि कंपनी ने 2018 में अपना जवाब दाखिल कर दिया था, लेकिन मामला अब भी पेंडिंग है। इसके अलावा, अनुपालन (Compliance) में कमी और लिस्टिंग फीस न देने के चलते कंपनी का शेयर पहले 'Z' कैटेगरी में भी जा चुका है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
लगातार नुकसान और घटता रेवेन्यू कंपनी की वित्तीय सेहत पर सवाल खड़े कर रहा है। माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा जोखिम SEBI का अनसुलझा मामला बना हुआ है, जिस पर आने वाले समय में नजर रखना बेहद जरूरी है।
