CARE Ratings ने DSM Fresh Foods के IPO फंड के इस्तेमाल में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी है। कंपनी ने बिना शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के फंड को मार्केटिंग और वर्किंग कैपिटल में डायवर्ट किया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
IPO फंड के इस्तेमाल में बड़ा फेरबदल
जून 2026 में खत्म हुई तिमाही की मॉनिटरिंग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि DSM Fresh Foods ने अपने ₹59.06 करोड़ के IPO फंड का इस्तेमाल उस तरीके से नहीं किया जैसा कि प्रॉस्पेक्टस में वादा किया गया था। अब तक कंपनी ₹47.33 करोड़ खर्च कर चुकी है, लेकिन मार्केटिंग और वर्किंग कैपिटल के लिए तय योजनाओं से हटकर पैसा खर्च किया गया है।
गवर्नेंस पर उठते सवाल
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर है। कंपनी ने न केवल बिना शेयरहोल्डर्स की अनुमति के फंड को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Google और Facebook की मार्केटिंग के लिए डायवर्ट किया, बल्कि कंपनी एक्ट की धारा 185 का उल्लंघन करते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर दीपांशु मनचंदा और डायरेक्टर प्रिया अग्रवाल को बिना गारंटी के लोन भी दिए।
शेयर पर दबाव
DSM Fresh Foods का IPO ₹100 प्रति शेयर के भाव पर आया था, लेकिन वर्तमान में यह गिरकर ₹74 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, विवाद के बाद कंपनी ने 25 जुलाई 2026 को एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई थी, ताकि ₹100 करोड़ तक के लोन और गारंटी को पिछली तारीख से मंजूरी मिल सके।
फिलहाल, रेगुलेटरी जांच का खतरा बना हुआ है, इसलिए निवेशकों को कंपनी के इंटरनल कंट्रोल और भविष्य के डिस्क्लोजर्स पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
