Crystal Business System (पूर्व में Sadhna Broadcast) के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर महज **₹11.67 लाख** रह गया है, साथ ही कंपनी SEBI की जांच और ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणियों के घेरे में है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में बड़ी गिरावट
Crystal Business System Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी की ग्रॉस इनकम पिछले साल के ₹1760.94 लाख से घटकर ₹914.44 लाख पर आ गई है। मुनाफे (PAT) में तो और भी बड़ी गिरावट देखी गई है, जो पिछले साल के ₹90.55 लाख से लुढ़ककर केवल ₹11.67 लाख रह गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और नियम उल्लंघन
कंपनी के नतीजों के साथ ही ऑडिटर्स ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी ने EPF (Employees' Provident Fund), ESI (Employees' State Insurance) और ग्रेच्युटी एक्ट जैसे कानूनी नियमों का पालन नहीं किया है। मैनेजमेंट ने इन कमियों को स्वीकार किया है और अब वे नियमों के अनुसार काम करने की कोशिश कर रहे हैं।
SEBI का शिकंजा और बैकस्टोरी
कंपनी ने 1 मई, 2025 को अपना नाम 'Sadhna Broadcast' से बदलकर 'Crystal Business System' किया था। यह बदलाव SEBI के मई 2025 के उस आदेश के आसपास हुआ, जिसमें यूट्यूब के जरिए गलत तरीके से स्टॉक रिकमेंडेशन देने के आरोप थे। इस मामले में कुछ प्रमोटर्स और एक डायरेक्टर पर 2 से 5 साल तक की पाबंदी लगाई गई थी और ₹2 करोड़ तक का जुर्माना भी लगाया गया था।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑपरेशनल गिरावट और रेगुलेटरी सख्ती के कारण कंपनी का रिस्क प्रोफाइल काफी ऊंचा हो गया है। निवेशकों को कंपनी के बोर्ड की स्थिरता और कानूनी मामलों में हो रही प्रगति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि भविष्य की रिकवरी इन्हीं कारकों पर निर्भर करेगी।
