Croissance Ltd की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में सभी प्रस्ताव पास हो गए हैं। कंपनी ने लोन को इक्विटी शेयर में बदलने और नए स्टेट्युटरी ऑडिटर की नियुक्ति समेत चार बड़े एजेंडे पर शेयरधारकों की सहमति हासिल कर ली है।
AGM के मुख्य फैसले
Croissance Ltd की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 30 सितंबर, 2026 को आयोजित की गई। इस मीटिंग में कुल 1,10,76,601 वोट डाले गए और चारों मुख्य प्रस्तावों को भारी समर्थन मिला।
कर्ज कम करने की रणनीति
कंपनी का सबसे बड़ा कदम लोन को इक्विटी शेयर्स में बदलने का है। इस स्पेशल रेजोल्यूशन के पास होने से अब कंपनी अपनी बैलेंस शीट को रिस्ट्रक्चर कर सकेगी। इसके अलावा, शेयरधारकों ने FY2026 के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी और हेमंत बाहरी को डायरेक्टर के पद पर फिर से नियुक्त किया गया।
ऑडिटिंग में बदलाव
मीटिंग में एक नए स्टेट्युटरी ऑडिटर की नियुक्ति को भी हरी झंडी मिल गई है। यह ऑडिटर अब अगले 5 साल तक कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरी वोटिंग प्रक्रिया की निगरानी निशांत दराक एंड एसोसिएट्स ने की थी और इसमें कुल शेयर कैपिटल का 16.16% हिस्सा शामिल रहा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन से कंपनी पर कर्ज का बोझ तो घटेगा, लेकिन मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 'शेयर डायल्यूशन' (Share Dilution) की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। अब निवेशकों को भविष्य की रेगुलेटरी फाइलिंग्स का इंतजार करना होगा, जिसमें कन्वर्जन की सटीक तारीख और नई नियुक्तियों की शर्तें साफ होंगी।
