Cressanda Railway Solutions ने जून 2026 तिमाही के लिए जीरो रेवेन्यू रिपोर्ट किया है, साथ ही कंपनी को **₹86.82 लाख** का नेट लॉस हुआ है। ऑडिटर्स ने कंपनी के अकाउंट्स पर भारी संदेह जताते हुए 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है।
बिगड़ी हुई फाइनेंशियल सेहत
कंपनी ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें रेवेन्यू से कमाई पूरी तरह से शून्य (Nil) रही है। पिछली तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने ₹211.72 लाख का रेवेन्यू कमाया था। इस दौरान कंपनी को ₹86.82 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ है। कंपनी ने साथ ही अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को तय की है।
ऑडिटर्स ने क्यों खड़ी की चेतावनी?
स्टैच्युटरी ऑडिटर, H. Rajen & Co., ने कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' दिया है। इसका सीधा मतलब है कि ऑडिटर्स कंपनी के फाइनेंशियल डेटा की सत्यता की पुष्टि करने में असमर्थ हैं, जो निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग है।
ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कई चिंताजनक बातें उजागर की हैं:
- अनवेरिफाइड लोन: लगभग ₹7.68 करोड़ के लोन और एडवांस के कोई ठोस दस्तावेज मौजूद नहीं हैं।
- SEBI की जांच: कंपनी पर वर्तमान में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की जांच चल रही है।
- सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी: कंपनी अनिवार्य ऑडिट ट्रेल सॉफ्टवेयर लॉग्स को बनाए रखने में विफल रही है, जिससे डेटा को वेरिफाई करना नामुमकिन हो गया है।
- देनदारियां: ट्रेड पेबल्स और रिसीवेबल्स की पुष्टि न हो पाने के कारण कंपनी की वास्तविक देनदारियां तय करना मुश्किल है।
निवेशकों को अब 30 सितंबर को होने वाली AGM पर नजर रखनी चाहिए, जहां से SEBI जांच और कंपनी के भविष्य को लेकर कुछ आधिकारिक जानकारी मिल सकती है।
