Craftroot Retail ने अपने 6 अक्टूबर के EGM नोटिस में बदलाव किया है। कंपनी ने प्रेफरेंशियल इश्यू के आवंटन (Allotment) में बदलाव के साथ ही फंड इस्तेमाल की समयसीमा को मार्च 2028 तक बढ़ा दिया है। साथ ही, अब **₹40.30 करोड़** तक के Related Party Transactions के लिए मंजूरी मांगी गई है।
क्या बदला है EGM एजेंडा में?
Craftroot Retail Limited ने 5 नवंबर, 2026 को होने वाली अपनी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) से पहले एक सुधार (Corrigendum) जारी किया है। सबसे बड़ा बदलाव प्रेफरेंशियल इश्यू से जुड़ा है, जहां Innovative Infraplus India Limited की जगह अब Andiela Traders LLP को अलॉटी के तौर पर शामिल किया गया है। इसके अलावा, जुटाई गई राशि के इस्तेमाल की समयसीमा को मार्च 2027 से आगे बढ़ाकर मार्च 2028 कर दिया गया है।
रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन का नया एजेंडा
कंपनी ने अपने एजेंडे में एक नया विषय जोड़ा है, जिसमें कंपनी एक्ट की धारा 188 के तहत रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगी गई है। इसके दायरे में Seher Retail Private Limited और Gramshree Women Empowerment जैसी संस्थाएं शामिल हैं। इन सौदों की कुल सालाना सीमा ₹40.30 करोड़ तय की गई है और यह मंजूरी 5 साल की अवधि के लिए मांगी गई है। बोर्ड का कहना है कि ये सौदे 'आर्म्स लेंथ' (Arm's length) और सामान्य बिजनेस प्रक्रिया के तहत होंगे।
गवर्नेंस पर स्पष्टीकरण
कंपनी ने साफ किया है कि इन बदलावों का प्रबंधन या कंट्रोल स्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, वारंट इश्यू के बाद कोई भी पब्लिक कैटेगरी का शेयरहोल्डर प्रमोटर कैटेगरी में नहीं बदलेगा।
आगे क्या?
निवेशकों के पास 4 नवंबर, 2026 तक ई-वोटिंग (E-voting) का विकल्प खुला है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शेयरहोल्डर इन नई शर्तों और ट्रांजैक्शन लिमिट को लेकर क्या फैसला लेते हैं।
