Craftroot Retail Limited ने **₹22 करोड़** जुटाने के लिए बोर्ड की मंजूरी ले ली है। कंपनी **₹11** प्रति शेयर के भाव पर **2 करोड़** कन्वर्टिबल वारंट जारी करेगी। इस फैसले पर **5 नवंबर, 2026** को होने वाली EGM में शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे।
फंड जुटाने की पूरी योजना
कंपनी अपनी ग्रोथ और ऑपरेशन्स के लिए ₹22 करोड़ का फंड जुटा रही है। बोर्ड ने प्रेफरेंशियल बेसिस पर 2,00,00,000 कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने को मंजूरी दी है, जिनकी कीमत ₹11 प्रति यूनिट तय की गई है। SEBI के नियमों के तहत, सब्सक्राइबर्स को 25% राशि अभी जमा करनी होगी, जबकि बाकी 75% राशि वारंट्स एक्सरसाइज करने के दौरान 18 महीने की अवधि में देनी होगी। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹3.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹23.50 करोड़ करने का फैसला किया है।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी?
इस फंड रेजिंग में प्रमोटर्स (अनार पटेल और सेहर रिटेल) और पब्लिक एंटिटीज दोनों शामिल हैं, जो कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूत करने की कोशिश है। हालांकि, मौजूदा निवेशकों को एक बात ध्यान में रखनी चाहिए: जब ये वारंट्स इक्विटी में कन्वर्ट होंगे, तो कंपनी के कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर पड़ेगा।
EGM में क्या होगा?
कंपनी ने 5 नवंबर, 2026 को एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई है। यहाँ शेयरहोल्डर्स कैपिटल बढ़ाने और प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के प्रस्ताव पर मुहर लगाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रूपल पटेल करेंगी।
क्या है रिस्क?
रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क शेयर डाइल्यूशन का है। इसके अलावा, अगर 18 महीने के अंदर वारंट्स एक्सरसाइज नहीं किए गए, तो जमा की गई 25% राशि जब्त हो जाएगी, जो कंपनी की ग्रोथ रणनीति पर सवाल खड़े कर सकती है। अब निवेशकों की नजरें 5 नवंबर की वोटिंग पर टिकी हैं।
