Cosmic CRF Ltd ने एक बड़ी विस्तार रणनीति अपनाई है। कंपनी ने BSE SME प्लेटफॉर्म से हटकर BSE और NSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट होने और N. S. Engineering Projects का अधिग्रहण करने के साथ अपनी कर्ज लेने की क्षमता को **₹200 करोड़** से बढ़ाकर **₹1,000 करोड़** करने का फैसला किया है।
बड़े बदलाव की तैयारी
Cosmic CRF Ltd ने हाल ही में हुई अपनी Extraordinary General Meeting (EOGM) में भविष्य की विकास योजनाओं का खाका खींचा है। कंपनी अब अपनी कार्यप्रणाली को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।
प्रमुख रणनीतिक फैसले
मेन बोर्ड पर एंट्री: कंपनी अपनी लिस्टिंग को BSE SME से हटाकर BSE और NSE के मेन बोर्ड पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। इससे कंपनी की विजिबिलिटी बढ़ेगी और बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का भरोसा हासिल करने में मदद मिलेगी।
अधिग्रहण: कंपनी ने N. S. Engineering Projects Pvt. Ltd. को शेयर-स्वैप डील के जरिए पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी बनाने का प्रस्ताव रखा है।
कैपिटल एक्सपेंशन: कंपनी ने अपनी बोर्रोइंग और इन्वेस्टमेंट लिमिट को ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने का निर्णय लिया है, जो भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी की आक्रामक सोच को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
मेन बोर्ड पर शिफ्ट होना किसी भी कंपनी के लिए एक बड़ा पड़ाव होता है, जिससे लिक्विडिटी में सुधार की उम्मीद रहती है। हालांकि, कर्ज की सीमा को 5 गुना बढ़ाने से कंपनी की जिम्मेदारी और डे्ट-सर्विसिंग (Debt-servicing) का दबाव भी बढ़ेगा। आने वाले दिनों में स्क्रूटिनाइज़र की रिपोर्ट से इन प्रस्तावों पर फाइनल मुहर लगने की पुष्टि होगी।
