Coral Newsprints ने सितंबर तिमाही में **₹1.55 करोड़** का नेट प्रॉफिट दिखाया है, लेकिन यह कमाई बिजनेस से नहीं बल्कि NHAI से मिली एकमुश्त मुआवजे की रकम से आई है। कंपनी की ऑपरेशनल कमाई जीरो है और ऑडिटर्स ने इसके कारोबार बने रहने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मुनाफे का सच
Coral Newsprints ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इसमें कंपनी ने ₹1.55 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो प्रति शेयर ₹3.05 की अर्निंग्स (EPS) के बराबर है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू यानी बिजनेस से होने वाली कमाई शून्य रही है। यह पूरा मुनाफा National Highways Authority of India (NHAI) से मिले मुआवजे (Compensation) की वजह से हुआ है।
क्यों है खतरे की घंटी?
कंपनी की आर्थिक सेहत को लेकर ऑडिटर्स (L. N. Malik & Co.) ने 'Limited Review Report' में कड़ी चेतावनी जारी की है। ऑडिटर्स का साफ कहना है कि कंपनी के पास अब कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं बची है और सारी मशीनरी बेची जा चुकी है। बिजनेस मॉडल के ठप होने के कारण इसे 'Going Concern' (कारोबार को जारी रखने वाली इकाई) के रूप में देखना मुश्किल हो गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी की मौजूदा देनदारियां (Liabilities) उसकी संपत्ति (Assets) से कहीं अधिक हैं और नेटवर्थ भी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। 1 अप्रैल 2026 से कंपनी ने कोई टर्नओवर नहीं दिखाया है। फिलहाल, कंपनी का अस्तित्व सिर्फ प्रमोटर्स द्वारा दी जा रही फंडिंग और अन्य गैर-नियमित इनकम पर टिका हुआ है। ऐसे में कंपनी का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में है।
