Consecutive Commodities Ltd ने FY26 में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में खामियां मिलने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। नए ऑडिटर्स की नियुक्ति और अनुपालन (Compliance) के मोर्चे पर कंपनी के अगले कदम अहम होंगे।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में दमदार प्रदर्शन किया है। Consecutive Commodities का रेवेन्यू पिछले साल के ₹22.60 करोड़ से बढ़कर ₹57.88 करोड़ पर पहुंच गया है। इसी के साथ कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) भी सुधरकर ₹2.70 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी पेड-अप कैपिटल बढ़ाने के लिए 48 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर ₹1 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए हैं।
गवर्नेंस पर क्यों उठे सवाल?
शानदार नतीजों के बीच इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट में 'मैटेरियल वीकनेस' (Material Weakness) का जिक्र होना बड़ी चिंता है। ऑडिटर्स ने डॉक्यूमेंटेशन और आईटी कंट्रोल्स में कमी बताई है, जिससे गलतियां होने का अंदेशा है। इसके अलावा, कंपनी पूरे साल इंटरनल ऑडिटर नियुक्त करने में विफल रही है, जो कि सेक्रेटेरियल ऑडिट का सीधा उल्लंघन है।
आगे की राह और AGM पर नजर
अब कंपनी 21 सितंबर, 2026 को अपनी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) करने जा रही है। इस मीटिंग में M/s. Kapil Kumar Aggarwal & Associates को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया जाएगा। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी इन कंप्लायंस गैप्स को कैसे भरेगी और बोर्ड इंटरनल कंट्रोल्स को मजबूत करने के लिए क्या ठोस कदम उठाएगा।
