Cohance Lifesciences ने अपनी FY26 की ESG रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार दिखा है। हालांकि, कंपनी ने ZCL Chemicals से जुड़ी पुरानी FEMA अनुपालन समस्याओं के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को **₹8.3 करोड़** का जुर्माना चुकाने का भी खुलासा किया है।
ESG परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल सुधार
अपनी ताजा रिपोर्ट में कंपनी ने बताया है कि उसने बेस ईयर के मुकाबले अपनी एनर्जी इंटेंसिटी में 16.9% की कमी हासिल की है। इसके अलावा, स्कोप 1+2 एमिशन में 18.9% की गिरावट आई है, जो कंपनी के नेट-जीरो लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम है। कंपनी ने 2050 तक नेट-जीरो एमिशन का टारगेट रखा है।
RBI जुर्माने का मामला
रिपोर्ट का एक अहम हिस्सा कंपनी द्वारा RBI को चुकाया गया ₹8.29 करोड़ का शुल्क है। यह राशि 'फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट रूल्स, 2019' के उल्लंघन से संबंधित थी, जो कि कंपनी की पूर्व इकाई ZCL Chemicals के समय की एक पुरानी लेगेसी समस्या थी।
गवर्नेंस और भविष्य की राह
- कंपनी ने बोर्ड के स्तर पर 20% जेंडर डाइवर्सिटी हासिल की है।
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) सिस्टम लागू किया जा रहा है।
- 2030 तक 'जीरो वेस्ट टू लैंडफिल' का लक्ष्य तय किया गया है।
- कंपनी अब एंटी-ब्रायबरी सर्टिफिकेशन (ISO 37001:2025) पाने की दिशा में काम कर रही है।
निवेशकों को यह देखना होगा कि कैसे कंपनी अपनी सस्टेनेबिलिटी इन्वेस्टमेंट्स और पुरानी कानूनी पेचीदगियों के बीच संतुलन बिठाती है।
