Cochin Shipyard पर नियमों की अनदेखी का आरोप, BSE और NSE ने ठोका **₹19.3 लाख** का जुर्माना

OTHER
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Cochin Shipyard पर नियमों की अनदेखी का आरोप, BSE और NSE ने ठोका **₹19.3 लाख** का जुर्माना

Cochin Shipyard को BSE और NSE की तरफ से तगड़ा झटका लगा है। कंपनी पर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति से जुड़े नियमों का पालन न करने के कारण **₹9.66 लाख** प्रति एक्सचेंज का जुर्माना लगाया गया है, जिसे कंपनी सरकार की प्रक्रिया में देरी बता रही है।

गवर्नेंस में चूक का मामला

Cochin Shipyard Limited (CSL) को BSE और NSE की ओर से कुल ₹19.32 लाख (GST सहित) का जुर्माना भरने का नोटिस मिला है। यह कार्रवाई 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान SEBI LODR के नियमों के उल्लंघन पर की गई है, जिसमें बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी और ऑडिट कमिटी के सही तरीके से गठन न होने की बात सामने आई है।

कंपनी की दलील

सरकारी कंपनी होने के नाते CSL के बोर्ड में नियुक्तियों का अधिकार पूरी तरह से 'मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज' के पास है। कंपनी ने अपनी सफाई में साफ कहा है कि यह चूक मैनेजमेंट की लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी नामांकन प्रक्रिया में हुई देरी का नतीजा है, जो उनके कंट्रोल से बाहर है।

क्या है कंपनी का अगला कदम?

कंपनी ने नियमों के दायरे में आने के लिए काम शुरू कर दिया है। 17 अगस्त, 2026 को डॉ. वाणी अहलूवालिया को 'नॉन-ऑफिशियल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर' के तौर पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही ऑडिट और नॉमिनेशन कमिटी का पुनर्गठन भी कर लिया गया है। फिलहाल, कंपनी ने दोनों एक्सचेंजों से जुर्माना माफ करने की अपील की है और मंत्रालय के साथ बाकी 4 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए लगातार फॉलो-अप कर रही है।

निवेशकों के लिए जोखिम

जुर्माने की राशि तो मामूली है, लेकिन बोर्ड लेवल पर जारी ये देरी आगे चलकर रेग्युलेटरी जांच का कारण बन सकती है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या एक्सचेंजों से जुर्माना माफी मिलती है और सरकार कब तक बाकी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.