Clenon Enterprises ने अपनी 35वीं AGM का ऐलान कर दिया है, जो **30 सितंबर, 2026** को होगी। कंपनी सोलर, विंड और EV इंफ्रास्ट्रक्चर के सेक्टर में कदम रखने जा रही है और साथ ही फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने के लिए **₹200 करोड़** तक के उधार की अनुमति भी मांग रही है।
रिन्यूएबल एनर्जी और कर्ज पुनर्गठन पर फोकस
Clenon Enterprises अब अपने कारोबार का बड़ा कायाकल्प करने की राह पर है। आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलावों को मंजूरी देगी। कंपनी सोलर और विंड एनर्जी के उत्पादन और सप्लाई के साथ-साथ EV चार्जिंग और बैटरी स्टोरेज जैसे भविष्य के सेक्टरों में उतरने के लिए अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर रही है।
नई फंडिंग और वित्तीय योजना
कंपनी ने अपनी विकास योजनाओं को गति देने के लिए उधारी की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी सेक्शन 180(1)(c) और सेक्शन 186 के तहत ₹200 करोड़ तक की बोरिंग और इन्वेस्टमेंट लिमिट की मांग कर रही है। यह फंड कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही पुरानी देनदारियों को चुकाने के लिए एसेट को ऑप्टिमाइज करने की कोशिश भी है।
प्रमोटर और एसेट ट्रांजेक्शन पर नजर
AGM में दो अहम सौदों पर वोटिंग होगी:
- लैंड ट्रांसफर: तेलंगाना में स्थित 9 एकड़ जमीन को Clenon Properties Private Limited को ट्रांसफर किया जाएगा, जिसके बदले कंपनी को इक्विटी शेयर मिलेंगे।
- प्रमोटर सेटलमेंट: कंपनी अपने डायरेक्टर और प्रमोटर श्रीनिवास पडाला को एक सब्सिडियरी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी, ताकि उनसे लिए गए अनसिक्योर्ड लोन का भुगतान किया जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि ग्रीन एनर्जी में शिफ्ट होना विकास का संकेत है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के गवर्नेंस और संबंधित पक्षों (Related Party Transactions) के साथ हो रहे इन सौदों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। रिन्यूएबल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है, जिसे देखते हुए निष्पादन (Execution) जोखिम भी बने रहेंगे।
