City Crops Agro ने H1 FY27 में **₹0.14 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को घाटा हुआ था। हालांकि, गिरता हुआ रेवेन्यू और ऑडिटर की चेतावनी ने निवेशकों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
City Crops Agro ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही (H1) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹0.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल के ₹5.85 करोड़ के नुकसान के मुकाबले एक रिकवरी है। हालांकि, इस मुनाफे के बावजूद कंपनी का रेवेन्यू ₹3.20 करोड़ से घटकर ₹1.24 करोड़ रह गया है, जो बिजनेस की सुस्त रफ्तार को दर्शाता है।
ऑडिटर की कड़ी चेतावनी (Auditor's Red Flags)
कंपनी के ऑडिटर्स ने अपनी 'लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट' में कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- टैक्स देनदारी: वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक की ₹1.73 करोड़ की टैक्स डिमांड बकाया है, जिसका प्रोविजन कंपनी ने नहीं किया है।
- अनवेरिफाइड एडवांस: कंपनी ने IPO फंड से ₹3 करोड़ लैंड डेवलपमेंट के लिए एडवांस दिए थे, लेकिन ऑडिटर को इसके लिए कोई एग्रीमेंट या काम पूरा होने का सबूत नहीं मिला है।
- GST डिफॉल्ट: कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन इनएक्टिव है और कोई रिटर्न फाइल नहीं की गई है। इसके अलावा 'रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म' (RCM) के तहत देनदारियों का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है।
निवेशकों के लिए जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम ₹3 करोड़ के एडवांस फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता की कमी है। इसके अलावा, GST फाइलिंग न होने और टैक्स बकाया रहने से कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है, जिससे कंपनी की कैश पोजीशन पर और असर पड़ सकता है। निवेशकों को मैनेजमेंट की ओर से इन सवालों के जवाब का इंतजार करना चाहिए।
