City Crops Agro के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹3.93 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹2.48 करोड़** के मुनाफे से सीधे गिरावट दर्शाता है।
मुनाफे से सीधे घाटे में कंपनी
कंपनी के रेवेन्यू में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो घटकर ₹19.54 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹55.92 करोड़ था। कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) गिरकर -₹2.41 पर पहुंच गया है और शेयरधारकों को इस बार कोई डिविडेंड नहीं मिला है।
ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर सवाल
ऑडिटर ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है, जो गवर्नेंस में बड़ी खामियों की तरफ इशारा है। मुख्य चिंताएं ये हैं:
- टैक्स और GST: कंपनी ने पिछले 3 सालों से इनकम टैक्स लायबिलिटी पूरी नहीं की है। साथ ही, GST रजिस्ट्रेशन इनएक्टिव (inactive) है और रिटर्न भी फाइल नहीं किए गए हैं।
- IPO फंड का इस्तेमाल: कंपनी ने IPO से मिले पैसों में से ₹3 करोड़ का एडवांस एग्रीकल्चरल लैंड डेवलपमेंट के लिए दिया था, लेकिन इसका कोई सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट या काम का सबूत नहीं मिला है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस में झोल
ऑडिटर ने यह भी नोट किया है कि कंपनी का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर 'ऑडिट ट्रेल' फीचर को डिसेबल करके चला रहा था, जो कि नियमों का उल्लंघन है। कंपनी ने हालांकि सफाई दी है कि वे इसे ठीक करने के लिए वेंडर से बात कर रहे हैं। फिलहाल, कंपनी ने Ish Sadana और Pooja Manish Pandey को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है।
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा टैक्स बकाया चुकाने और ₹3 करोड़ के गायब एडवांस फंड की रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए।
