Choksi Laboratories को तगड़ा झटका लगा है। कंपनी के प्रमोटर्स को कनवर्टिबल वारंट जारी करने का प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स की मंजूरी हासिल करने में फेल हो गया है।
प्रस्ताव पर लगी रोक
Choksi Laboratories Ltd ने 17 अक्टूबर 2026 को अपनी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई थी, जिसका मुख्य मकसद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को कनवर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी लेना था। हालांकि, यह प्रस्ताव बहुमत हासिल करने में बुरी तरह विफल रहा, जिससे कंपनी की पूंजी विस्तार की योजना फिलहाल खटाई में पड़ गई है।
वोटिंग का गणित
इस मामले में सार्वजनिक शेयरहोल्डर्स का गुस्सा साफ दिखा। कंपनी में प्रमोटर्स के पास 2,192,754 शेयर हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने इस वोटिंग प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, पब्लिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर्स की ओर से कुल 1,317,555 वोट डाले गए, जिसमें से 99.46% शेयरहोल्डर्स ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। इसके पक्ष में केवल 0.54% वोट ही पड़े।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
आमतौर पर कंपनियां पूंजी जुटाने या प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू का रास्ता अपनाती हैं। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में पब्लिक निवेशकों का विरोध मैनेजमेंट की वर्तमान शर्तों और डाइल्यूशन स्ट्रक्चर पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कैपिटल एलोकेशन के प्रति निवेशकों की नाराजगी का एक स्पष्ट संकेत है।
अब आगे क्या?
प्रस्ताव के गिर जाने के बाद, अब कंपनी इस कनवर्टिबल वारंट जारी करने की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा सकती। मैनेजमेंट के सामने अब चुनौती है कि वे वैकल्पिक फंडिंग स्ट्रैटेजी पर विचार करें या निवेशकों को भरोसे में लेकर स्थिति को साफ करें। बाजार की नजरें अब कंपनी की अगली रेगुलेटरी फाइलिंग पर टिकी होंगी कि वे भविष्य की योजनाओं को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
