Chennai Meenakshi Multispeciality Hospital की 36वीं AGM में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शेयरधारकों ने कंपनी की CMD और चार अन्य निदेशकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जो बोर्ड के भीतर गहरे गवर्नेंस संकट का संकेत है।
गवर्नेंस संकट की आहट
चेन्नई मीनाक्षी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की हालिया AGM निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को अपनी 36वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित की थी, जिसमें वित्तीय नतीजों को तो मंजूरी मिल गई, लेकिन बोर्ड के शीर्ष स्तर पर बड़ा गतिरोध सामने आया है।
प्रस्तावों का फेल होना
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी की चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) Mrs. R. Gomathi की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव बहुमत हासिल नहीं कर सका। इस विशेष प्रस्ताव को केवल 64.50% वोट मिले, जो जरूरी आंकड़े से कम रहे। इसके अलावा, कंपनी के जिन चार डायरेक्टर उम्मीदवारों को खारिज किया गया, उनमें Mr. Edward M Prabhakar, Mr. M. Karunakaran, Mr. A F Simeon Telfer और Ms. Sindu Chawla शामिल हैं। बोर्ड के प्रस्तावों में केवल Mr. R V Ramanuja Bharathi की नियुक्ति को ही शेयरधारकों की मंजूरी मिल पाई।
अब आगे क्या?
कंपनी के सामने अब लीडरशिप का खालीपन (Leadership Void) भरने की बड़ी चुनौती है। मैनेजमेंट और शेयरधारकों के बीच दिख रही यह तनातनी भविष्य में कंपनी की स्थिरता पर असर डाल सकती है। जानकारों का मानना है कि गवर्नेंस को पटरी पर लाने के लिए कंपनी को जल्द ही नया बोर्ड स्ट्रैटेजी अपनानी होगी या फिर Extraordinary General Meeting (EGM) बुलानी पड़ सकती है।
निवेशकों के लिए जोखिम
फिलहाल, कंपनी के प्रबंधन की निरंतरता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्रमोटर-मैनेजमेंट और निवेशकों के बीच बढ़ती यह दूरी ऑपरेशनल रिस्क को बढ़ा सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की ओर से आने वाले नए डिस्क्लोजर (Disclosures) पर पैनी नजर रखें।
