Chalet Hotels ने सितंबर तिमाही के लिए **₹2,162.55 मिलियन** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल **₹1,548.13 मिलियन** था। रियल एस्टेट सेल्स में कमी के चलते कुल रेवेन्यू घटकर **₹5,019.96 मिलियन** पर आ गया, लेकिन हॉस्पिटैलिटी और रेंटल सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है।
मुनाफे के पीछे की असल कहानी
सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू गिरकर ₹5,019.96 मिलियन रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹7,353.07 मिलियन था। इसका मुख्य कारण रियल एस्टेट सेगमेंट से मिलने वाले रेवेन्यू में भारी गिरावट है, जो ₹2,821.36 मिलियन से घटकर महज ₹4.51 मिलियन रह गया। हालांकि, कंपनी का कोर बिजनेस—हॉस्पिटैलिटी और रेंटल—काफी मजबूत रहा, जहां रेवेन्यू बढ़कर क्रमशः ₹4,114.53 मिलियन और ₹900.59 मिलियन तक पहुंच गया।
टैक्स क्रेडिट और कानूनी राहत
मुनाफे में उछाल का एक बड़ा कारण ₹1,125 मिलियन का टैक्स क्रेडिट है, जो कंपनी द्वारा 25.17% की रियायती टैक्स दर चुनने के फैसले के बाद मिला। इसके अलावा, नवी मुंबई में CIDCO के साथ चल रहे लंबे समय से विवाद के सुलझने से कंपनी के एसेट पोर्टफोलियो पर से बड़ा कानूनी दबाव खत्म हो गया है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए पॉजिटिव सेंटीमेंट है।
विस्तार और रणनीति
कंपनी ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए हाल ही में दो बड़ी खरीदारी की है। मई 2026 में ₹1,710 मिलियन में 'Seasons Hotel Private Limited' और सितंबर 2026 में ₹992 मिलियन में 'Lakeview Mercantile Company Private Limited' का पूर्ण अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भविष्य में रियल एस्टेट सेगमेंट में होने वाली उतार-चढ़ाव कंपनी के टॉप-लाइन नंबरों को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, मौजूदा तिमाही मुनाफे में मिला टैक्स क्रेडिट एक 'वन-टाइम' गेन है, जिसे आगे के क्वार्टर में नहीं दोहराया जा सकेगा।
