Centum Electronics: घाटे वाली सब्सिडियरी से मिली राहत, क्रेडिट रेटिंग में हुआ बड़ा सुधार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Centum Electronics: घाटे वाली सब्सिडियरी से मिली राहत, क्रेडिट रेटिंग में हुआ बड़ा सुधार

CARE Ratings ने Centum Electronics की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड कर दिया है। कंपनी ने अपनी घाटे में चल रही यूके (UK) सब्सिडियरी को बंद करने का फैसला लिया है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हुई है। अब कंपनी का पूरा ध्यान डिफेंस और स्पेस प्रोजेक्ट्स पर है, और उनके पास **₹1,797 करोड़** का भारी-भरकम ऑर्डर बुक मौजूद है।

रेटिंग में क्यों हुआ सुधार?

CARE Ratings ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटी को CARE BBB+ (Stable) और शॉर्ट-टर्म फैसिलिटी को CARE A2 रेटिंग दी है। यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि कंपनी ने अपनी घाटे वाली विदेशी सब्सिडियरी, Centum Electronics UK Limited को लिक्विडेट (Liquidate) कर दिया है। इससे पैरेंट कंपनी पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ अब पूरी तरह खत्म हो गया है।

बिजनेस में बदलाव और फोकस

कंपनी अब पूरी तरह से अपने कोर इंडियन ऑपरेशंस पर फोकस कर रही है, जो कि हाई-मार्जिन वाले 'Build to Specification' (BTS) सेगमेंट से जुड़े हैं। डिफेंस और स्पेस सेक्टर में मिल रहे बड़े ऑर्डर्स ने कंपनी की स्थिति मजबूत की है।

कुछ अहम आंकड़े (Key Metrics):

  • ऑर्डर बुक: जून 2026 तक ₹1,797 करोड़, जो मार्च 2026 में ₹1,645 करोड़ थी।
  • राजस्व ग्रोथ: CARE Ratings को मीडियम टर्म में 20%-25% की CAGR ग्रोथ की उम्मीद है।
  • वर्किंग कैपिटल: जुलाई 2026 तक वर्किंग कैपिटल यूटिलाइजेशन 67% रही है।

निवेशकों के लिए जोखिम (Risks):

हालांकि रेटिंग बढ़ना अच्छी खबर है, लेकिन निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि BTS सेगमेंट बहुत ज्यादा वर्किंग कैपिटल मांगता है। इसके अलावा, रॉ मैटेरियल के लिए आयात पर निर्भरता के कारण फॉरेक्स (Forex) उतार-चढ़ाव और सेक्टर का कड़ा कॉम्पिटिशन कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.