Caprihans India की 80वीं AGM में निवेशकों ने मैनेजमेंट के फैसलों पर रोक लगा दी है। कंपनी ने दो बड़े अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने और Bilcare Limited के साथ ट्रांजेक्शन का प्रस्ताव रखा था, जिसे शेयरहोल्डर्स ने वोटिंग के जरिए ठुकरा दिया है।
AGM में क्या हुआ?
कंपनी ने अपनी 80वीं सालाना आम बैठक (26 सितंबर, 2026) में कुल 8 प्रस्ताव पेश किए थे। हालांकि कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और डायरेक्टर के तौर पर Mrs. Ankita J. Kariya की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी मिल गई, लेकिन 3 अहम प्रस्ताव गिर गए। इसमें प्रेसिडेंट Mr. Shreyans Bhandari और वाइस प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल बिजनेस) Mrs. Ruchi S. Bhandari की सैलरी बढ़ाने का मुद्दा शामिल था।
क्यों है ये मामला अहम?
सबसे चौंकाने वाला फैसला 'रिजॉल्यूशन 8' को लेकर रहा। इसके तहत कंपनी Bilcare Limited के साथ मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन और लोन गारंटी चाहती थी, लेकिन निवेशकों ने इसे सिरे से नकार दिया। बाजार के जानकारों का मानना है कि रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन को लेकर निवेशक हमेशा सतर्क रहते हैं, क्योंकि इसमें हितों के टकराव का जोखिम बना रहता है।
वोटिंग का गणित
फेल हुए तीनों प्रस्तावों (6, 7 और 8) पर वोटिंग का आंकड़ा काफी दिलचस्प रहा। केवल 42.2581% वोट ही प्रस्तावों के पक्ष में पड़े, जबकि 57.7419% वोट इनके खिलाफ गए। निवेशकों का यह रुख मैनेजमेंट के कामकाज और कंपनी की गवर्नेंस पर उठे सवालों को दर्शाता है।
अब आगे क्या?
अब कंपनी मैनेजमेंट पर दबाव है कि वे निवेशकों की इस असहमति को कैसे दूर करते हैं। निवेशकों को आने वाली कॉर्पोरेट फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि Bilcare Limited के साथ भविष्य के वित्तीय संबंधों और मैनेजमेंट की सैलरी पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
