CMI Ltd: दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी, Q1 में **₹1.29 करोड़** का घाटा

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AuthorMehul Desai|Published at:
CMI Ltd: दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी, Q1 में **₹1.29 करोड़** का घाटा

इन्सॉल्वेंसी (CIRP) से गुजर रही CMI Ltd ने जून 2025 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को **₹1.29 करोड़** का नुकसान हुआ है, वहीं ऑडिटर्स ने कंपनी के डॉक्यूमेंटेशन और नेट वर्थ पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बिगड़ते वित्तीय हालात

जून 2025 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹13.80 करोड़ रहा, जबकि नेट लॉस ₹1.29 करोड़ दर्ज किया गया। वर्तमान में कंपनी का कामकाज 'रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल' (Resolution Professional) देख रहे हैं, क्योंकि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स फिलहाल सस्पेंडेड हैं।

ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी

स्टैच्युटरी ऑडिटर्स 'कुमार प्रमोद एंड एसोसिएट्स' ने इस बार 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' (Disclaimer of Opinion) जारी किया है। इसका मतलब है कि ऑडिटर्स को कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त सबूत ही नहीं मिले।

निवेशकों के लिए चेतावनी

कंपनी के संचित घाटे (Accumulated Losses) बढ़कर ₹163.76 करोड़ हो गए हैं, जबकि पेड-अप कैपिटल मात्र ₹16.03 करोड़ है। नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिससे कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी भविष्य में कामकाज जारी रखने पर भारी संकट के बादल छाए हैं।

क्या हैं मुख्य जोखिम?

ऑडिटर्स ने फिक्स्ड एसेट्स रजिस्टर की अनुपस्थिति, लोन, बैंक और इन्वेस्टमेंट अकाउंट्स की पुष्टि न हो पाने जैसी गंभीर खामियां उजागर की हैं। इसके अलावा, TDS और GST विवादों के चलते टैक्स देनदारियों का भी कोई स्पष्ट ब्यौरा नहीं है। अब निवेशकों की नजर NCLT की कार्यवाही और एसेट सेल (Asset Sale) की खबरों पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.