CCME Global Ltd के प्रमोटर पद्मनाभन कृष्णमूर्ति ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए **9 करोड़** नए शेयर हासिल किए हैं। इस बड़े बदलाव के बाद कंपनी का पेड-अप शेयर कैपिटल **4.52 करोड़** से बढ़कर **19.60 करोड़** हो गया है, जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए डाइल्यूशन (Dilution) की स्थिति बनी है।
बड़े कैपिटल एक्सपेंशन का ऐलान
CCME Global Ltd ने 28 अक्टूबर, 2026 को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा किया, जिसकी जानकारी 30 अक्टूबर को एक्सचेंज को दी गई। कंपनी के प्रमोटर पद्मनाभन कृष्णमूर्ति को 9,00,00,000 नए शेयर अलॉट किए गए हैं। इस कदम ने कंपनी के पूरे कैपिटल स्ट्रक्चर को बदल दिया है, जहां शेयरों की कुल संख्या में चार गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
इस तरह का बड़ा प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट सीधे तौर पर बिजनेस में नई इक्विटी आने का संकेत देता है। इसके दो बड़े पहलू हैं:
- प्रमोटर का भरोसा: प्रमोटर द्वारा बड़ी हिस्सेदारी लेने से साफ है कि वे कंपनी में अपनी पकड़ और कंट्रोल बनाए रखना चाहते हैं।
- शेयर डाइल्यूशन: शेयर काउंट में भारी इजाफा होने के कारण मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी का अनुपात काफी कम (Dilute) हो गया है।
आंकड़ों का गणित
इस अलॉटमेंट से पहले प्रमोटर के पास 2,80,70,400 शेयर थे, जो कुल बेस का 62.03% हिस्सा थे। अब प्रमोटर की होल्डिंग बढ़कर 11,80,70,400 शेयर हो गई है, लेकिन पूरी कंपनी का बेस 19.60 करोड़ शेयर होने के कारण प्रमोटर की हिस्सेदारी घटकर 60.21% पर आ गई है।
आगे क्या रखें नजर?
निवेशकों को अब कंपनी की अगली क्वार्टरली डिस्क्लोजर पर नजर रखनी चाहिए, जिससे यह साफ हो सके कि जुटाए गए फंड का इस्तेमाल किन ग्रोथ प्रोजेक्ट्स या डेट रीस्ट्रक्चरिंग के लिए किया जाएगा। भविष्य के रिजल्ट्स ही यह तय करेंगे कि क्या यह बढ़ी हुई इक्विटी कंपनी के मुनाफे में इजाफा कर पाएगी या नहीं।
