Blueblood Ventures ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए चंद्रशेखर सिंह को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है और पांच साल के लिए इंटरनल ऑडिटर की घोषणा की है। साथ ही कंपनी कोलकाता में अपना नया ऑफिस भी खोल रही है।
गवर्नेंस और ऑडिटिंग पर कंपनी का फोकस
Blueblood Ventures ने अपने बोर्ड और ऑपरेशनल ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं। कंपनी ने M/s. Mahesh Sharma & Associates को FY 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया है। इसके लिए सालाना फीस ₹25,000 तय की गई है। इसके अलावा, 9 अक्टूबर 2026 से प्रभावी, चंद्रशेखर सिंह को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जिसे अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।
कोलकाता में विस्तार और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन
कंपनी ने अपने भौगोलिक विस्तार के तहत कोलकाता में एक नई ब्रांच खोलने का फैसला किया है। यह दफ्तर N.S. रोड स्थित स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक बिल्डिंग में होगा, जिसका किराया ₹20,000 प्रति माह होगा। यह लीज 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। गौरतलब है कि यह प्रॉपर्टी सुरेश बोहरा के स्वामित्व में है, इसलिए इसे 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन' के दायरे में रखा गया है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे SEBI और कंपनी एक्ट के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं।
इसके साथ ही बोर्ड ने अनु रंजन झा, प्रदीप कुमार और अमित कुमार कुशवाहा के साथ डेट असाइनमेंट (Debt Assignment) और SJM Investments (Delhi) Private Limited के साथ संभावित शेयर ट्रांजैक्शन की योजना को भी हरी झंडी दी है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
ये कदम कंपनी की आंतरिक नियंत्रण प्रणाली (Internal Controls) को औपचारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति से कॉर्पोरेट ओवरसाइट बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों के लिए SJM Investments के साथ होने वाले सौदे और लीज एग्रीमेंट की बारीकियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
