Bloom Industries ने FY26 में **₹115.32 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹49.41 लाख** के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने और स्टैच्युटरी फाइलिंग में देरी के कारण कंपनी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Bloom Industries के लिए FY26 मिला-जुला रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट तो ₹115.32 लाख तक पहुंच गया है, लेकिन ऑपरेशनल इनकम में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी की ऑपरेशनल इनकम पिछले साल के ₹2356.26 लाख से घटकर ₹1412.23 लाख रह गई है।
GST और अनुपालन (Compliance) का संकट
निवेशकों के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने समय पर GST रिटर्न और TDS पेमेंट नहीं किया, जिसके चलते टैक्स अधिकारियों ने 6 दिसंबर 2025 को कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन ही कैंसिल कर दिया। मैनेजमेंट ने इसे 'गंभीर वित्तीय संकट' का नाम दिया है और दावा किया है कि बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है। फिलहाल रजिस्ट्रेशन को बहाल (Restore) करने की प्रक्रिया जारी है।
बोर्ड मीटिंग और अन्य अपडेट
कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को अपनी 37वीं AGM बुलाई है। इसमें Mr. Rajendra Prasad Gupta को डायरेक्टर के तौर पर और Mr. Akash Gupta को होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने पर चर्चा होगी। नकदी बचाने के मकसद से बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड देने की सिफारिश नहीं की है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
कंपनी को अभी भी अपनी साख और रेगुलेटरी अनुपालन को पटरी पर लाने के लिए मशक्कत करनी होगी। चूँकि कंपनी छोटे आकार की है, इसलिए कई कॉर्पोरेट गवर्नेंस रेगुलेशन (17 से 27) से इसे छूट प्राप्त है, जिसका मतलब है कि बड़े लिस्टेड शेयरों के मुकाबले यहाँ पारदर्शिता कम हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि GST रजिस्ट्रेशन कब तक पूरी तरह बहाल होता है और क्या आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू स्टेबल हो पाता है या नहीं।
