Bliss GVS Pharma ने आधिकारिक तौर पर Anupam Rasayan India और Mates Visa Consultancy को कंपनी का कंट्रोल सौंप दिया है। ओपन ऑफर पूरा होने के बाद अब ये नई इकाइयां प्रमोटर बन गई हैं, जबकि पुराने प्रमोटर ग्रुप को **28 सितंबर, 2026** से पब्लिक शेयरहोल्डर की श्रेणी में डाल दिया गया है।
मालिकाना हक का हस्तांतरण पूरा
28 सितंबर, 2026 से Bliss GVS Pharma Ltd का नियंत्रण पूरी तरह से Anupam Rasayan India Limited और Mates Visa Consultancy Private Limited के हाथों में आ गया है। यह बदलाव 23 मई, 2026 को हुए शेयर परचेज एग्रीमेंट और सफलतापूर्वक पूरे किए गए ओपन ऑफर के बाद हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपनी बैठक में इस बदलाव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया SEBI के 'सबस्टेंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स' रेगुलेशन 2011 के नियमों के तहत पूरी की गई है। इस बदलाव के बाद, पूर्व प्रमोटरों को SEBI के रेगुलेशन 31A(10) के तहत पब्लिक कैटेगरी में री-क्लासिफाई कर दिया गया है।
नया प्रमोटर स्ट्रक्चर
अब कंपनी की बागडोर Anupam Rasayan ग्रुप के पास है। नई प्रमोटर लिस्ट में Tanfac Industries Limited, Jayhawk Fine Chemicals Corporation, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Kansas HoldCo Inc. व Anupam Europe AG जैसी कंपनियां शामिल हैं।
आगे क्या नजर रखें?
शेयरधारकों को अब कंपनी की नई रणनीतिक दिशा और बोर्ड में संभावित बदलावों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि नई लीडरशिप के साथ कंपनी का कामकाज अब नए मैनेजमेंट के विजन पर निर्भर करेगा।
