BSE की पूछताछ के बाद Bizotic Commercial Limited ने अपने EGM नोटिस में संशोधन किया है। कंपनी ने अब **1.33 करोड़** वॉरंट के अलॉटमेंट का फैसला लिया है और निवेशकों को ईमेल के जरिए वोटिंग का नया मौका दिया है।
क्या बदला कंपनी के प्लान में?
Bizotic Commercial Limited ने BSE लिमिटेड की आपत्तियों के बाद अपने प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब कुल 1,33,10,400 कन्वर्टिबल वॉरंट जारी करेगी, जो पहले 1,36,08,000 थे। इन वॉरंट्स को ₹110 प्रति यूनिट (जिसमें ₹10 फेस वैल्यू और ₹100 प्रीमियम शामिल है) की दर पर जारी किया जा रहा है। इस पूरी कवायद की कुल वैल्यू ₹146.41 करोड़ बैठती है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह बदलाव SEBI के नियमों (ICDR Regulations) के अनुपालन के लिए किया गया है। कंपनी ने अलॉटीज़ की सूची से मीना विनोद सुराना को हटा दिया है क्योंकि वे नियमों के तहत पात्र नहीं पाई गईं। इसके अलावा, Bizotic Industries Private Limited को आवंटित होने वाले शेयरों की संख्या में भी कमी की गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
चूंकि कंपनी का EGM पहले ही संपन्न हो चुका है, इसलिए मैनेजमेंट ने Item No. 2 के लिए वोटिंग विंडो को दोबारा खोल दिया है। शेयरधारक अब 31 अक्टूबर, 2026 से 2 नवंबर, 2026 (रात 11:59 बजे) तक ईमेल के माध्यम से अपने वोट डाल सकते हैं या पुराने वोट में सुधार कर सकते हैं। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इससे कंपनी के कंट्रोल में कोई बदलाव नहीं आएगा और सभी रेगुलर लॉक-इन नियम इस पर लागू रहेंगे।
