Bilcare Ltd की 39वीं AGM में निवेशकों ने बड़ा झटका दिया है। कंपनी के बोर्ड द्वारा प्रस्तावित मोहन भंडारी और कविता भंसाली की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को शेयरधारकों ने खारिज कर दिया है।
क्या हुआ AGM में?
बीती 26 सितंबर 2026 को आयोजित Bilcare Ltd की 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब दो महत्वपूर्ण स्पेशल रेजोल्यूशन पास नहीं हो सके। बोर्ड ने 13 अगस्त 2026 को मोहन भंडारी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति और कविता भंसाली की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव रखा था, जिसे शेयरधारकों का जरूरी बहुमत नहीं मिल सका।
क्यों है ये निवेशकों के लिए जरूरी?
यह घटनाक्रम कंपनी के बोर्ड और शेयरधारकों के बीच बढ़ती दूरी को साफ दर्शाता है। शेयरधारकों द्वारा इन नियुक्तियों को ब्लॉक करना यह बताता है कि वे बोर्ड की प्रस्तावित लीडरशिप रणनीति से सहमत नहीं हैं। इससे कंपनी के भविष्य के गवर्नेंस रोडमैप को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल, मोहन भंडारी अपने पुराने पद 'नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और सीईओ' के तौर पर काम जारी रखेंगे, जबकि कविता भंसाली भी 'नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर' बनी रहेंगी। निवेशकों को अब आगे की रेगुलरिटी फाइलिंग्स पर नजर रखनी होगी, ताकि यह पता चल सके कि कंपनी के बोर्ड का अगला कदम क्या होगा और क्या वे किसी वैकल्पिक नेतृत्व रणनीति पर विचार करेंगे।
