Bilcare Limited की 39वीं AGM में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शेयरधारकों ने दो Executive Directors की नियुक्ति और Caprihans India के साथ होने वाले बड़े Related-Party Transactions को सिरे से खारिज कर दिया है, जो मैनेजमेंट के लिए एक बड़ा गवर्नेंस संकट है।
AGM में क्यों मचा बवाल?
26 सितंबर, 2026 को हुई Bilcare Limited की 39वीं AGM में रूटीन वित्तीय कामकाज तो पास हो गए, लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब स्पेशल रिजॉल्यूशन्स पर वोटिंग हुई। शेयरधारकों ने Ms. Kavita Bhansali और Mr. Mohan Harakchand Bhandari को Executive Director के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। साथ ही, Caprihans India Limited के साथ प्रस्तावित 'Material Related-Party Transaction' को भी बहुमत का साथ नहीं मिला।
गवर्नेंस पर बड़ा सवाल
आमतौर पर AGM में मैनेजमेंट के प्रस्ताव आसानी से पास हो जाते हैं, लेकिन इस तरह का विरोध सीधे तौर पर निवेशकों की नाराजगी और बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों को दर्शाता है। हालांकि Ms. Bhansali और Mr. Bhandari को 'डायरेक्टर' के तौर पर काम करने की मंजूरी मिल गई है, लेकिन उनका 'Executive Director' बनना फिलहाल खटाई में पड़ गया है, जिससे कंपनी के नेतृत्व ढांचे में एक बड़ा खालीपन आ गया है।
आगे की राह (Investor Focus)
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बोर्ड इस फैसले का क्या जवाब देता है। क्या कंपनी दोबारा इन प्रस्तावों को लाएगी या फिर ऑपरेशनल स्ट्रेटेजी में बदलाव करेगी? Caprihans India डील के फेल होने से कामकाज पर क्या असर पड़ेगा, यह भी आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। निवेशकों को अब कंपनी की ओर से आने वाली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
