Bhavik Enterprises ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट उछलकर **₹32.42 करोड़** पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी ने प्रमोटर शेयरहोल्डिंग से जुड़ी एक पुरानी डिस्क्लोजर गलती को भी ठीक किया है।
मुनाफे में जोरदार उछाल
Bhavik Enterprises ने इस छमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹4.26 करोड़ से बढ़कर ₹32.42 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू भी ₹294.28 करोड़ से बढ़कर ₹303.04 करोड़ रही। कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) भी पिछले साल के ₹2.69 से बढ़कर ₹15.92 हो गई है।
मुनाफे के पीछे की असली वजह
मुनाफे में यह जबरदस्त बढ़ोतरी बेहतर सेल्स रियलाइजेशन की वजह से आई है। मैनेजमेंट का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के चलते सप्लाई चेन बाधित हुई, जिससे इम्पोर्ट ट्रांजिट समय बढ़ गया। इस परिस्थिति का फायदा उठाकर कंपनी ने अपनी प्राइसिंग पावर का इस्तेमाल किया और बेहतर मुनाफा कमाया।
डिस्क्लोजर में हुई सुधार (Governance Correction)
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों में हुई एक एडमिनिस्ट्रेटिव गलती को सुधारा है। दरअसल, 10 लाख इक्विटी शेयरों के ऑफर फॉर सेल (OFS) को प्रमोटर शेयरहोल्डिंग में सही ढंग से नहीं दिखाया गया था, जिससे प्रमोटर स्टेक बढ़ा हुआ दिख रहा था। अब इसे ठीक करके 77.53% से घटाकर 72.62% (1,47,84,500 शेयर) कर दिया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक डिस्क्लोजर अपडेट है और इसका बैलेंस शीट या पुराने नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
आगे की राह
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि अगर मिडिल ईस्ट में सप्लाई चेन की स्थिति सामान्य होती है, तो क्या कंपनी अपनी सेल्स रियलाइजेशन को इसी तरह बरकरार रख पाएगी। हालांकि कंपनी का अपनी गलती को समय रहते सुधारना कॉरपोरेट गवर्नेंस के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
