Bharat Global Developers के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी मुश्किल भरा रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **₹668.58 करोड़** से घटकर महज **₹26.11 करोड़** पर आ गया है, जबकि कंपनी मुनाफे से सीधे नुकसान (**₹0.09 करोड़**) में पहुंच गई है।
मुनाफे से सीधे नुकसान की ओर
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में जहां कंपनी ने ₹16.03 करोड़ का मुनाफा कमाया था, वहीं इस साल यह आंकड़ा गिरकर ₹0.09 करोड़ के नुकसान में बदल गया है। रेवेन्यू में आई यह 96% से ज्यादा की गिरावट निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है। कंपनी अब अपनी बिजनेस स्ट्रेटजी को बदलने की कोशिश कर रही है और कंस्ट्रक्शन मटेरियल, गोल्ड, टेक्सटाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अलग-अलग सेक्टर में हाथ आजमा रही है।
गवर्नेंस और नियामक चुनौतियां (Regulatory Issues)
कंपनी के लिए परेशानियां केवल बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। SEBI की जांच लगातार जारी है, जिसके कारण कंपनी का शेयर पहले ट्रेडिंग सस्पेंशन भी झेल चुका है। इसके अलावा:
- कंप्लायंस में चूक: कंपनी ने 'कंपनीज एक्ट, 2013' के सेक्शन 203 के तहत क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त नहीं किया है।
- ऑडिटर में बदलाव: जुलाई 2025 में ऑडिटर M/s. K M Chauhan & Associates के इस्तीफे के बाद M/s. R B Gohil & Co. को नियुक्त किया गया है।
- AGM की तारीख: कंपनी ने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाई है।
इन तमाम घटनाक्रमों के बीच, निवेशकों को कंपनी के ऑपरेशंस और रेगुलेटरी क्लीयरेंस पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
