Bharat Coking Coal Ltd (BCCL) को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। Golukdih NC प्रोजेक्ट से जुड़े एक पुराने कॉन्ट्रैक्ट विवाद में कोर्ट ने कंपनी की अपील खारिज कर दी है, जिसके बाद अब BCCL को **₹46.20 करोड़** के साथ **10.5%** वार्षिक ब्याज भी चुकाना होगा।
कानूनी विवाद और कोर्ट का आदेश
भारत की प्रमुख कोयला कंपनी BCCL के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कंपनी की अपील को खारिज करते हुए झारखंड हाईकोर्ट के पिछले फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। यह पूरा मामला साल 2010 के एक कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है, जो धनबाद के Golukdih NC प्रोजेक्ट में 'हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी' (HEMM) को किराए पर लेने के लिए हुआ था।
कंपनी पर वित्तीय बोझ
कोर्ट के इस आदेश के बाद कंपनी को अब ₹46.20 करोड़ की राशि का भुगतान करना होगा। राहत की बात नहीं है, क्योंकि इसके साथ 10.5% प्रति वर्ष का ब्याज भी देना होगा। यह राशि एक पुरानी लायबिलिटी (Liability) है, जो कंपनी के फाइनेंशियल सेहत पर असर डाल सकती है।
आगे क्या होगा?
कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, BCCL इस मामले को यहीं खत्म करने के मूड में नहीं है। फिलहाल कंपनी के लीगल एक्सपर्ट्स मामले की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही एक 'रिव्यू पिटिशन' (Review Petition) फाइल करने की तैयारी की जा रही है। तब तक निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस भुगतान के लिए किस तरह की प्रोविजनिंग करती है और आगे कानूनी दांव-पेच क्या मोड़ लेते हैं।
