Balmer Lawrie Investments: डिविडेंड का तोहफा, लेकिन कंपनी पर मंडरा रहे गवर्नेंस के गंभीर सवाल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Balmer Lawrie Investments: डिविडेंड का तोहफा, लेकिन कंपनी पर मंडरा रहे गवर्नेंस के गंभीर सवाल

Balmer Lawrie Investments ने FY 2025-26 के लिए **₹2.27** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। हालांकि मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी **60** बार रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन करने और सब्सिडियरी कंपनी में इंटरनल कंट्रोल की कमियों को लेकर विवादों में है।

मुनाफे में उछाल, लेकिन चिंता बरकरार

कंपनी ने शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पेश की है। FY 2025-26 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹14,219.01 लाख हो गया है, जो पिछले साल ₹9,709.25 लाख था। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹27,776.74 लाख पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह ₹26,653.95 लाख था।

डिविडेंड और गवर्नेंस का पेंच

बोर्ड ने 21 सितंबर, 2026 को होने वाली 25वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है। इससे पहले कंपनी ₹2.03 का अंतरिम डिविडेंड भी दे चुकी है। हालांकि, निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि कंपनी ने जून 2023 से मार्च 2026 के बीच SEBI के बोर्ड कंपोजिशन और कमिटी स्ट्रक्चर संबंधी नियमों का 60 बार उल्लंघन किया है।

सब्सिडियरी में गड़बड़ी के संकेत

कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा इसकी सब्सिडियरी 'Balmer Lawrie & Co. Ltd.' से आता है। ऑडिटर्स ने कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। इसमें वेंडर बैलेंस कंफर्मेशन और डिजिटल लॉयल्टी कूपन्स में 'अनऑथोराइज्ड रिडेम्पशन' जैसे गंभीर इंटरनल कंट्रोल फेलियर्स का जिक्र है। इसके अलावा, वेंडर पेमेंट में अनियमितताओं की जांच भी चल रही है।

आगे क्या?

सरकारी कंपनी होने के नाते बोर्ड स्ट्रक्चर के नियमों पर मैनेजमेंट का तर्क निवेशकों के लिए चुनौती बना हुआ है। अब सभी की निगाहें 21 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM पर टिकी हैं, जहां इन गवर्नेंस संबंधी शिकायतों और सुधार के रोडमैप पर सफाई मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.