Ballarpur Industries ने अपनी 81वीं AGM की तारीख का ऐलान कर दिया है, जो 25 सितंबर, 2026 को होगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे पेश किए हैं जिसमें **₹289.44 करोड़** का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया है।
वित्तीय नतीजे और ऑडिट रिपोर्ट
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स ₹76.97 करोड़ रहा है, जबकि कंपनी को ₹289.44 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। बड़ी बात यह है कि ऑडिटर M/s. Batliboi & Purohit ने कंपनी की कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है, जिसका मुख्य कारण इनसॉल्वेंसी पीरियड के दौरान डेटा की कमी और ऐतिहासिक दस्तावेजों तक पहुंच का न होना है।
AGM का मुख्य एजेंडा
25 सितंबर की बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। इनमें शामिल हैं:
- एसेट मोनेटाइजेशन: कंपनी कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल के लिए तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात और हरियाणा में अपनी गैर-जरूरी (Non-core) जमीन बेचने की योजना बना रही है।
- संबंधित लेनदेन (Related Party Transactions): चेयरमैन हार्दिक भारत पटेल के साथ ₹200 करोड़ और Finquest Financial Solutions के साथ ₹50 करोड़ तक के लेनदेन के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जाएगी।
- बोर्ड में नियुक्ति: डायरेक्टर पराशिवा मूर्ति बी.एस. की दोबारा नियुक्ति पर भी मतदान होगा।
रिवाइवल की राह
हालांकि कंपनी की श्री गोपाल यूनिट ने दिसंबर 2025 में फिर से उत्पादन शुरू कर दिया है, लेकिन ऑडिटर्स की टिप्पणियां फाइनेंशियल पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि रिपोर्टिंग में देरी इनसॉल्वेंसी से जुड़ी प्रक्रियागत बाधाओं के कारण है और वे NCLT से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। निवेशकों को अब कंपनी के एसेट बिक्री के कदम और सहायक कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों के तालमेल पर नजर रखनी चाहिए।
