Balkrishna Paper Mills को NCLT मुंबई से अपनी कैपिटल रिडक्शन स्कीम के लिए बड़ी राहत मिली है। कंपनी अपने **₹278.39 करोड़** के भारी-भरकम घाटे को खत्म करने की तैयारी में है।
भारी घाटे से उबरने की कोशिश
30 सितंबर, 2025 तक कंपनी का संचित घाटा (accumulated losses) ₹278.39 करोड़ तक पहुंच चुका था। इस वित्तीय बोझ को कम करने के लिए कंपनी ने अब एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत ₹110 करोड़ की प्रेफरेंस शेयर कैपिटल को रद्द किया जाएगा।
रिस्ट्रक्चरिंग प्लान की मुख्य बातें
NCLT ने कंपनी की याचिका को स्वीकार कर लिया है और अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2027 तय की गई है। रिस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया में तीन बड़े बदलाव शामिल हैं:
- ₹23.29 करोड़ का उपयोग सिक्योरिटीज प्रीमियम रिजर्व से घाटे को कम करने के लिए किया जाएगा।
- इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू को ₹10 से घटाकर ₹1 किया जा रहा है, जिससे ₹28.99 करोड़ का समायोजन (adjustment) होगा।
- ₹110 करोड़ की प्रेफरेंस शेयर कैपिटल को रद्द करके उसे बिना ब्याज वाले असुरक्षित लोन (unsecured loans) में बदला जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और भविष्य
सबसे बड़ा जोखिम यह है कि प्रेफरेंस शेयरहोल्डर्स को पैसा कब वापस मिलेगा, यह पूरी तरह से कंपनी के भविष्य के कैश फ्लो पर निर्भर है। कंपनी अब पेपर मैन्युफैक्चरिंग के अपने पुराने कारोबार से बाहर निकलकर रियल एस्टेट सेक्टर में हाथ आजमाने की योजना बना रही है। हालांकि, मौजूदा समय में कोई ठोस बिजनेस ऑपरेशन न होना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है।
अगले कुछ महीनों में कंपनी को 'Business Standard' और 'Navshakti' में नोटिस जारी करना होगा, जिसके बाद क्रेडिटर्स को अपनी आपत्ति दर्ज करने के लिए 3 महीने का समय मिलेगा।
