Bajaj Nivesh Limited, जिसे पहले Maharashtra Scooters के नाम से जाना जाता था, ने आधिकारिक तौर पर अपना स्वरूप बदल लिया है। कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में संशोधन कर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्लॉज हटा दिए हैं और अब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम रखने की तैयारी पूरी कर ली है।
क्या हुआ बदलाव?
Ministry of Corporate Affairs ने 19 अक्टूबर, 2026 को कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में संशोधनों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, कंपनी अब आधिकारिक तौर पर अपनी पुरानी पहचान, यानी महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग विरासत से पूरी तरह अलग हो गई है। निवेशकों ने 27 सितंबर, 2026 को पोस्टल बैलेट के जरिए इस बदलाव पर अपनी मुहर पहले ही लगा दी थी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
यह बदलाव कंपनी को एक 'प्योर-प्ले' इन्वेस्टमेंट फर्म के रूप में स्थापित करता है। पुराने मैन्युफैक्चरिंग क्लॉज हटने से कंपनी को अब रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बिजली उत्पादन, ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन जैसे व्यवसायों में उतरने की कानूनी आजादी मिल गई है।
निवेशकों के लिए संकेत
अब कंपनी का ऑपरेशनल चार्टर उसके मौजूदा बिजनेस मॉडल के पूरी तरह अनुरूप है। बोर्ड के पास अब रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी है। हालांकि, निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी का मैनेजमेंट कैपिटल एलोकेशन किस तरह करता है और कोर इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो कैसा प्रदर्शन करता है। भविष्य में आने वाले प्रोजेक्ट्स और बोर्ड के फैसलों पर नजर रखना जरूरी होगा।
