BPL Ltd ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए निराशाजनक नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को **₹8.73 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि रेवेन्यू गिरकर **₹46.27 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर ब्रेक, घाटे में इजाफा
BPL Ltd के लिए सितंबर 2026 तिमाही बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले मार्च तिमाही के ₹79.90 करोड़ से घटकर इस बार ₹46.27 करोड़ पर आ गया है। इस कमजोरी के चलते कंपनी को ₹8.73 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) -₹1.78 हो गई है।
कानूनी पचड़ों में फंसी कंपनी
नतीजों के अलावा निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण कंपनी के ऊपर चल रहे कानूनी मामले हैं। मैनेजमेंट इस समय आर्बिट्रेशन (Arbitration) और डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) में कई विवादों का सामना कर रहा है। इनमें से एक मामला ARCIL द्वारा कॉर्पोरेट गारंटी को लेकर दायर किया गया दावा है, जो कंपनी की सब्सिडियरी BPL Display Devices Limited से जुड़ा है।
लिक्विडिटी का संकट और भविष्य के जोखिम
कंपनी के सामने फंड्स की कमी का संकट भी गहरा गया है। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्रेफरेंस शेयर्स का रिडेम्पशन नहीं हो पाया है, क्योंकि कंपनी के पास पर्याप्त प्रॉफिट नहीं है। इसके अतिरिक्त, कंपनी के सिर पर ₹88.84 करोड़ की कॉन्टिजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) का बोझ भी है।
फिलहाल, निवेशकों को रामगुंडम पावर जनरेशन प्राइवेट लिमिटेड के कामकाज की स्थिति और अदालती फैसलों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
