BGR Energy के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। NCLAT ने कंपनी को अपने रिस्ट्रक्चरिंग प्लान को आगे बढ़ाने और राइट्स इश्यू (Rights Issue) के जरिए फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल बोर्ड को वापस सौंप दिया गया है, जो दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) से बाहर निकलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
NCLAT का बड़ा फैसला
चेन्नई स्थित NCLAT बेंच ने 7 अक्टूबर 2026 को BGR Energy Systems को अपनी कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने कंपनी को उस रिस्ट्रक्चरिंग रणनीति पर काम करने की अनुमति दी है, जिसे कंपनी के मुख्य फाइनेंशियल क्रेडिटर का समर्थन हासिल है, जिनके पास 97% वोटिंग शेयर हैं। इस आदेश के बाद, इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) को कंपनी का कामकाज, डिजिटल सिग्नेचर क्रेडेंशियल्स और सभी रिकॉर्ड्स वापस बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों अहम है यह कदम?
शेयरधारकों के लिए यह एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है क्योंकि यह कंपनी के दिवालियापन से बाहर निकलने (Section 12A route) की राह खोलता है। कंपनी को अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाने और राइट्स इश्यू लाने की अनुमति मिली है, जिससे बैलेंस शीट को स्टेबल करने के लिए जरूरी कैपिटल मिल सकेगी।
आगे क्या होगा?
अब कंपनी का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मीटिंग्स बुलाने और SEBI के नियमों के तहत राइट्स इश्यू की प्रक्रिया शुरू करने के लिए स्वतंत्र है। IRP को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) को अपडेट करने और डायरेक्टर्स की डिजिटल सिग्नेचर अथॉरिटी बहाल करने को कहा गया है।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे की राह
हालांकि यह एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन सब कुछ 31 दिसंबर 2026 तक राइट्स इश्यू के सफल क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। यदि कंपनी तय समय सीमा में काम पूरा नहीं कर पाती है, तो फिर से अनिश्चितता बढ़ सकती है। अब निवेशकों की नजर 16 नवंबर 2026 को होने वाली NCLAT की अगली सुनवाई पर होनी चाहिए, जिसमें प्रक्रिया की आगे की प्रगति पर चर्चा होगी।
