B. P. Capital के शेयरधारकों ने कंपनी के बिजनेस स्कोप में बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब कंपनी कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कदम रखेगी।
टेक्नोलॉजी जगत में नई पारी
29 सितंबर 2026 को आयोजित एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में B. P. Capital ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बड़े बदलाव किए हैं। इस बदलाव का सीधा मतलब है कि अब कंपनी सिर्फ अपने पुराने बिजनेस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, मोबाइल डिवाइसेज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के तेजी से बढ़ते मार्केट में भी अपना भाग्य आजमाएगी।
क्यों है यह फैसला अहम?
इस कदम से कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा डायवर्सिफिकेशन (Diversification) देखने को मिलेगा। कंपनी की योजना इन हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी मार्केट्स के जरिए नई रेवेन्यू स्ट्रीम्स तलाशने की है, जिससे निवेशकों के लिए वैल्यू क्रिएट हो सके।
वित्तीय तैयारियों का खाका
इस विस्तार को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने बोर्ड को बड़ी वित्तीय शक्तियां दी हैं:
- ₹300 करोड़ तक की उधार लेने की सीमा तय की गई है।
- इंटर-कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट और लोन लिमिट को ₹50 करोड़ पर सेट किया गया है।
- रिलेटेड एंटिटीज के साथ ट्रांजैक्शंस की सीमा ₹25 करोड़ रखी गई है।
लीडरशिप और आगे का रोडमैप
नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए, अजय शर्मा को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है। उनके पास 20 साल का लंबा अनुभव है, जो कंपनी के इस ट्रांजिशन में अहम साबित होगा। अब निवेशकों की नजर कंपनी द्वारा इन नए वर्टिकल्स में की जाने वाली शुरुआती पूंजी (Capital Allocation) और पार्टनरशिप की घोषणाओं पर रहेगी।
