Axiscades Technologies ने अपनी FY26 की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी की है। कंपनी ने पर्यावरण और सोशल फ्रंट पर अच्छा प्रदर्शन किया है, हालांकि बोर्ड में कम डायरेक्टर होने के कारण उसे रेगुलेटरी पेनल्टी चुकानी पड़ी है।
गवर्नेंस और पेनल्टी का मामला
कंपनी के लिए एक बड़ा अपडेट यह है कि उसे BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ओर से पेनल्टी का सामना करना पड़ा है। SEBI (LODR) रेगुलेशन 17(1) के तहत बोर्ड में सदस्यों की अनिवार्य संख्या बनाए रखने में चूक हुई। कंपनी ने अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच 5 डायरेक्टरों के साथ काम किया, जबकि नियम के मुताबिक 6 होना जरूरी थे। इस कारण BSE और NSE ने प्रति एक्सचेंज ₹2,30,100 का जुर्माना लगाया, जिसे मिलाकर कंपनी ने कुल ₹4,60,200 का भुगतान कर दिया है।
पर्यावरणीय सुधार (Environmental Performance)
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि उसने पर्यावरण के मोर्चे पर बड़ा बदलाव किया है। FY26 में कंपनी का Scope 2 एमिशन पिछले साल के 2,225.78 tCO2e से घटकर 1,055.03 tCO2e पर आ गया है। इसके अलावा, NOx उत्सर्जन 123 mg/Nm³ से गिरकर 49 mg/Nm³ हो गया है। कंपनी ने अपनी ISO 14001:2015 सर्टिफिकेशन बरकरार रखी है और CDP क्लाइमेट चेंज स्कोर D से सुधरकर C पर पहुंच गया है।
वर्कफोर्स और सोशल मैट्रिक्स
कंपनी ने अपने कर्मचारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। एम्प्लॉई टर्नओवर में 11.7% की कमी आई है। इसके साथ ही, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम में तेजी आई है, जहां 96% वर्कफोर्स को ट्रेनिंग दी गई है, जो पहले 90% थी। मानव अधिकारों से संबंधित ट्रेनिंग में भी भागीदारी दोगुनी होकर 72% तक पहुंच गई है।
निवेशकों के लिए क्या है आगे?
कंपनी ने FY26 के लिए ₹455.17 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी भविष्य में SEBI की लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स का पूरी तरह पालन कर पाती है, ताकि दोबारा गवर्नेंस संबंधी कोई चूक न हो। साथ ही, कंपनी अब Scope 3 एमिशन रिपोर्टिंग पर भी काम कर रही है, जो भविष्य में एक महत्वपूर्ण पैरामीटर साबित हो सकता है।
