Aviva Industries ने Q2 FY2027 के शानदार नतीजे पेश किए हैं, लेकिन कंपनी के ऑडिटर्स ने रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' लगाकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेड बैलेंसेस में गड़बड़ी और कैश फ्लो के मोर्चे पर कंपनी की बढ़ती चुनौतियां निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं।
रेवेन्यू में जोरदार उछाल
कंपनी के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, Q2 FY2027 में रेवेन्यू बढ़कर ₹28.96 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में महज ₹3.02 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट भी सालाना आधार पर ₹0.17 करोड़ से बढ़कर ₹0.46 करोड़ पर पहुंच गया है।
ऑडिटर ने क्यों उठाए सवाल?
कंपनी के स्टैच्युटरी ऑडिटर, S K Bhavsar & Co ने रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' यानी विशेष टिप्पणी दी है। ऑडिटर का कहना है कि कंपनी के ट्रेड रिसीवेबल्स, पेबल्स और लोन बैलेंसेस का अब तक मिलान (Reconciliation) नहीं हो पाया है। क्योंकि इन आंकड़ों का थर्ड पार्टी से सत्यापन नहीं हुआ है, इसलिए भविष्य में इसमें होने वाले बदलावों का असर अनिश्चित है।
कैश फ्लो पर गहराते संकट
सिर्फ मिलान की समस्या ही नहीं, बल्कि कंपनी की लिक्विडिटी भी दबाव में है। ट्रेड रिसीवेबल्स का आंकड़ा मार्च 2026 के ₹43.22 करोड़ से बढ़कर सितंबर 2026 तक ₹86.22 करोड़ हो गया है। इसके चलते कंपनी को चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में ₹19.63 करोड़ का नेट कैश आउटफ्लो झेलना पड़ा है। यानी, कागजों पर दिख रहा मुनाफा असल कैश के रूप में कंपनी के पास नहीं आ रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी का बिजनेस मॉडल फिलहाल पूरी तरह से उन कलेक्शन पर निर्भर दिख रहा है, जिनकी पुष्टि अभी तक ऑडिटर ने नहीं की है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी के बैलेंस कंफर्मेशन स्टेटस और ऑपरेशनल कैश फ्लो में सुधार पर कड़ी नजर रखें।
