सितंबर 2026 तिमाही में Aurique Ltd का नेट प्रॉफिट **₹0.12 करोड़** रहा, जो कंपनी के लिए एक रिकवरी का संकेत है। हालांकि, ऑडिटर्स ने बैंक खातों की पुष्टि न हो पाने के कारण 'Qualified Opinion' जारी किया है, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने वाला विषय है।
मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू का हाल
सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1.27 करोड़ दर्ज किया गया। नेट प्रॉफिट की बात करें तो यह ₹0.12 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹0.06 करोड़ की तुलना में बेहतर है। कंपनी के लिए यह राहत की बात है क्योंकि पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू शून्य (Nil) था।
क्यों है चिंता की बात? (Audit Qualification)
कंपनी के ऑडिटर्स 'J. M. Patel & Bros.' ने वित्तीय नतीजों में 'Qualified Opinion' दर्ज किया है। इसका मतलब यह है कि ऑडिटर्स कुछ पुराने बैंक खातों की मौजूदगी और उनमें मौजूद राशि को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। जानकारी के अनुसार, इन खातों से जुड़े स्टेटमेंट या कन्फर्मेशन उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण कंपनी की कुल फाइनेंशियल पोजीशन का पूरी तरह आकलन करना मुश्किल है।
मैनेजमेंट की सफाई
मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि वे इन खातों की तलाश कर रहे हैं और बैंक से कन्फर्मेशन लेने की प्रक्रिया जारी है। अभी तक इन खातों के कारण कंपनी पर क्या असर पड़ेगा, इसका कोई सटीक आंकड़ा नहीं दिया गया है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
अब निवेशकों की नजर कंपनी की अगली फाइलिंग पर होगी, जिसमें यह स्पष्ट होना जरूरी है कि बैंक खातों का रिकंसिलिएशन (Reconciliation) कैसे हुआ और क्या वित्तीय बयानों में कोई बड़े बदलाव किए जाएंगे या नहीं।
