Asian Hotels (North) ने FY26 के लिए **₹102.25 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। पिछले साल **₹187.26 करोड़** के मुनाफे के बाद कंपनी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जबकि ऑडिटर ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे से नुकसान का सफर
Asian Hotels (North) Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की अपनी 45वीं वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी को ₹102.25 करोड़ का बड़ा नेट लॉस हुआ है। हालांकि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹341.08 करोड़ रहा, लेकिन भारी-भरकम ब्याज और अन्य खर्चों ने मुनाफे पर पानी फेर दिया। कंपनी का प्रति शेयर घाटा (Loss Per Share) ₹44.05 दर्ज किया गया है।
ऑडिटर की चेतावनी (Auditor's Concern)
कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत ऑडिटर्स की रिपोर्ट है, जिन्होंने 'Material Uncertainty Related to Going Concern' यानी कंपनी के भविष्य के कारोबार पर ही संदेह जताया है। ऑडिटर्स का मानना है कि कंपनी की करेंट लायबिलिटीज (Current Liabilities), करेंट एसेट्स से कहीं ज्यादा हैं। इन हालातों को देखते हुए निवेशकों को किसी भी तरह के डिविडेंड (Dividend) से वंचित रहना पड़ा है।
कर्ज कम करने की कोशिश
कंपनी ने कर्ज का बोझ कम करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू के जरिए ₹764.94 करोड़ जुटाए गए हैं और ₹300 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी किए गए हैं। इन फंड्स का इस्तेमाल J.C. Flowers Asset Reconstruction जैसे कर्जदाताओं का भुगतान करने के लिए किया गया है।
आगे की चुनौतियां
कंपनी हाल ही में BSE और NSE द्वारा लगाए गए जुर्माने के कारण भी चर्चा में रही थी, जो कि महिला डायरेक्टर की नियुक्ति में देरी को लेकर था। मैनेजमेंट का कहना है कि अब उनका पूरा फोकस ऑपरेशनल एफिशिएंसी और डेट रिडक्शन पर है, लेकिन निवेशकों को आगामी तिमाही नतीजों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
