Ashima Ltd ने वित्त वर्ष **2027** की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस बढ़कर **₹20.75 करोड़** हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह **₹8.38 करोड़** था।
कानूनी विवाद और कैश पर दबाव
कंपनी के नतीजों पर एक पुराने कानूनी विवाद का असर साफ दिख रहा है। Ashima Ltd ने HDFC Bank और Bank of Bahrain and Kuwait के साथ 2003 से चले आ रहे एक चेक विवाद को सेटल किया है। इस सेटलमेंट के कारण कंपनी को ₹10.50 करोड़ का असाधारण खर्च (Exceptional Expense) उठाना पड़ा है, जिससे कंपनी के कैश फ्लो पर भारी दबाव पड़ा है। कुल मिलाकर कंपनी को ₹13.94 करोड़ का नेट कैश आउटफ्लो झेलना पड़ा है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर एक नज़र
हालांकि कंपनी का घाटा बढ़ा है, लेकिन रेवेन्यू फ्रंट पर थोड़ी राहत दिखी है। कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹15.15 करोड़ रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹3.66 करोड़ थी। कंपनी फिलहाल अपने ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को बदल रही है और कॉटन टेक्सटाइल डिवीजन को बंद करने के बाद अब अपनी संपत्तियों को बेचने पर ध्यान दे रही है।
आगे क्या होगा?
बोर्ड ने अब एक 'पोस्टल बैलट' प्रक्रिया शुरू की है, जिसका मकसद Saumya Construction Private Limited और अपनी सब्सिडियरी Ashima Capital Management Limited के साथ जुड़े ट्रांजैक्शन्स के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेना है। निवेशकों के लिए कंपनी की गिरती लिक्विडिटी और लगातार हो रहे नुकसान पर नज़र रखना जरूरी है।
