Ashapuri Gold Ornament Ltd की 18वीं AGM में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जहां शेयरधारकों ने Related Party Transactions (RPT) से जुड़े एक स्पेशल रेजोल्यूशन को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी की 18वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 अक्टूबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई थी। इस मीटिंग में कुल 8 प्रस्तावों पर वोटिंग हुई। फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और डायरेक्टर्स की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों को तो मंजूरी मिल गई, लेकिन Related Party Transactions से जुड़े स्पेशल रेजोल्यूशन पर शेयरधारकों ने अपनी नाराजगी जता दी।
क्यों फेल हुआ प्रस्ताव?
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से यह अहम है कि RPT को लेकर निवेशक सतर्क रहते हैं ताकि कंपनी या माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों का नुकसान न हो। इस प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ 38.75% वोट पड़े, जबकि 61.25% वोट इसके खिलाफ गए। गौर करने वाली बात यह है कि इस विशेष वोटिंग प्रक्रिया में प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप को बाहर रखा गया था, क्योंकि वे इन ट्रांजेक्शन में हितधारक (interested) थे।
आगे क्या होगा?
अब कंपनी के मैनेजमेंट को शेयरधारकों के इस रुख का विश्लेषण करना होगा। भविष्य में किसी भी डील को पास कराने के लिए मैनेजमेंट को या तो इन एग्रीमेंट्स की शर्तों में बदलाव करना होगा या फिर निवेशकों के बीच अधिक पारदर्शिता लानी होगी।
अन्य फैसलों पर मुहर
हालांकि RPT प्रस्ताव पर असहमति रही, लेकिन अन्य फैसलों को लेकर निवेशकों ने भरोसा जताया है। शेयरधारकों ने 'M/s. Shivam Soni & Co.' को फिर से स्टैचुटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दी। साथ ही, मैनेजिंग डायरेक्टर्स सरेमल चंपलाल सोनी, दिनेशकुमार सरेमल सोनी और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर जितेंद्रकुमार सरेमल सोनी के वेतन में संशोधन के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया है, जो लीडरशिप के प्रति निवेशकों का समर्थन दर्शाता है।
