Ashapura Minechem Ltd की 45वीं AGM में शेयरधारकों ने **₹2** प्रति शेयर डिविडेंड को मंजूरी दे दी है, लेकिन कंपनी के एक बड़े प्रस्ताव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
डिविडेंड का तोहफा, लेकिन गवर्नेंस पर सवाल
29 सितंबर, 2026 को आयोजित Ashapura Minechem की 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) मिली-जुली रही। जहाँ निवेशकों को ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड का फायदा मिला, वहीं मैनेजमेंट के लिए एक बड़ा झटका भी सामने आया।
प्रस्ताव क्यों हुआ फेल?
कंपनी ने चीफ – स्ट्रेटेजी एंड प्लानिंग, श्री चेतन शाह के लिए 'प्लेस ऑफ प्रॉफिट' से जुड़ा एक प्रस्ताव रखा था। हालांकि, शेयरधारकों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इस प्रस्ताव के खिलाफ 73.71% वोट पड़े, जो यह दिखाता है कि निवेशक कंपनी के आंतरिक फैसलों पर अब पैनी नजर रख रहे हैं।
आगे क्या?
भले ही कंपनी ने वित्तीय नतीजों और कॉस्ट ऑडिटर के प्रस्तावों को पास कर लिया हो, लेकिन KMP (Key Managerial Personnel) से जुड़े प्रस्ताव का गिरना कॉर्पोरेट गवर्नेंस की दृष्टि से अहम है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी का बोर्ड इस असहमति पर क्या रुख अपनाता है और भविष्य में मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में क्या बदलाव होते हैं।
